
ओशो कौन थे? (Osho Quotes in Hindi)
ओशो के विचारों से पूरी दुनिया परिचित है, लेकिन हमें ओशो के विचारों के साथ ही ओशो के बारे में जानना चाहिए। ओशो का जन्म 11 दिसंबर, 1931 को मध्य प्रदेश के कुचवाड़ा में हुथा। उस समय ओशो का नाम नाम चंद्रमोहन जैन था। ओशो को बचपन से ही दर्शन में रूचि थी। ओशो के पिता का नाम बाबूलाल जैन और माता का नाम सरस्वती जैन था।
ओशो को विद्यार्थी जीवन से ही कुशल वक्ता और तर्कवादी माना जाता था। कुछ समय के लिए वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में भी शामिल हुए थे। ओशो के अनुसार शब्द ओश्निक अनुभव का वर्णन करता है। लेकिन अनुभवकर्ता यानी अनुभ करने वाले के बारे में क्या कहेंगे? इसके लिए हम खुद के लिए ओशो शब्द का प्रयोग करते हैं। ओशो का मतलब है कि सागर से एक हो जाने का अनुभव करने वाला।
1956 में ओशो ने सागर यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र में MA किया था। 1957 में वह दर्शन शास्त्र के प्रोफेसर के तौर पर रायपुर यूनिवर्सिटी में नियुक्त किए गए थे, लेकिन बाद में उनका ट्रांसफर जबलपुर यूनिवर्सिटी में करा दिया। 1957 से 1966 तक जबलपुर यूनिवर्सिटी में वह फिलाॅस्फी के प्रोफेसर रहे। इस दौरान उन्होंने पूरे देश का दौरा किया।
ओशो की प्रमुख किताबें
– ध्यान योग, प्रथम और अंतिम मुक्ति
– मैं मृत्यु सिखाता हूं
– प्रेम-पंथ ऐसो कठिन
– कृष्ण स्मृति
– ग्लिम्प्सेज ऑफ गोल्डन चाइल्डहुड
– देख कबीरा रोया







Hme aaj pta chal gya ki osho kaun the…